अतुलित बल अतुलित प्रभुताई। मैं मतिमंद जानि नहिं पाई।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
अतुलित बल अतुलित प्रभुताई। मैं मतिमंद जानि नहिं पाई।।
RCM 3.2.12
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
अतुलित बल अतुलित प्रभुताई। मैं मतिमंद जानि नहिं पाई।।
RCM 3.2.12
अतुलित बल अतुलित प्रभुताई। मैं मतिमंद जानि नहिं पाई।।