काहूँ बैठन कहा न ओही। राखि को सकइ राम कर द्रोही।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
काहूँ बैठन कहा न ओही। राखि को सकइ राम कर द्रोही।।
RCM 3.2.5
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
काहूँ बैठन कहा न ओही। राखि को सकइ राम कर द्रोही।।
RCM 3.2.5
काहूँ बैठन कहा न ओही। राखि को सकइ राम कर द्रोही।।