एक बार चुनि कुसुम सुहाए। निज कर भूषन राम बनाए।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
एक बार चुनि कुसुम सुहाए। निज कर भूषन राम बनाए।।
RCM 3.1.3
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
एक बार चुनि कुसुम सुहाए। निज कर भूषन राम बनाए।।
RCM 3.1.3
एक बार चुनि कुसुम सुहाए। निज कर भूषन राम बनाए।।