अब प्रभु चरित सुनहु अति पावन। करत जे बन सुर नर मुनि भावन।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
अब प्रभु चरित सुनहु अति पावन। करत जे बन सुर नर मुनि भावन।।
RCM 3.1.2
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
अब प्रभु चरित सुनहु अति पावन। करत जे बन सुर नर मुनि भावन।।
RCM 3.1.2
अब प्रभु चरित सुनहु अति पावन। करत जे बन सुर नर मुनि भावन।।