तदपि उचित जनु बोलि सप्रीती। पठइअ काज नाथ असि नीती।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
तदपि उचित जनु बोलि सप्रीती। पठइअ काज नाथ असि नीती।।
RCM 2.9.6
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
तदपि उचित जनु बोलि सप्रीती। पठइअ काज नाथ असि नीती।।
RCM 2.9.6
तदपि उचित जनु बोलि सप्रीती। पठइअ काज नाथ असि नीती।।