गहे चरन सिय सहित बहोरी। बोले रामु कमल कर जोरी।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
गहे चरन सिय सहित बहोरी। बोले रामु कमल कर जोरी।।
RCM 2.9.4
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
गहे चरन सिय सहित बहोरी। बोले रामु कमल कर जोरी।।
RCM 2.9.4
गहे चरन सिय सहित बहोरी। बोले रामु कमल कर जोरी।।