आनँद मगन राम महतारी। दिए दान बहु बिप्र हँकारी।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
आनँद मगन राम महतारी। दिए दान बहु बिप्र हँकारी।।
RCM 2.8.4
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
आनँद मगन राम महतारी। दिए दान बहु बिप्र हँकारी।।
RCM 2.8.4
आनँद मगन राम महतारी। दिए दान बहु बिप्र हँकारी।।