सोभत लखि बिधु बढ़त जनु बारिधि बीचि बिलासु।।7।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
सोभत लखि बिधु बढ़त जनु बारिधि बीचि बिलासु।।7।।
RCM 2.7.10
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
सोभत लखि बिधु बढ़त जनु बारिधि बीचि बिलासु।।7।।
RCM 2.7.10
सोभत लखि बिधु बढ़त जनु बारिधि बीचि बिलासु।।7।।