मनिगन मंगल बस्तु अनेका। जो जग जोगु भूप अभिषेका।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
मनिगन मंगल बस्तु अनेका। जो जग जोगु भूप अभिषेका।।
RCM 2.6.4
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
मनिगन मंगल बस्तु अनेका। जो जग जोगु भूप अभिषेका।।
RCM 2.6.4
मनिगन मंगल बस्तु अनेका। जो जग जोगु भूप अभिषेका।।