सुनि मुनि दसरथ बचन सुहाए। मंगल मोद मूल मन भाए।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
सुनि मुनि दसरथ बचन सुहाए। मंगल मोद मूल मन भाए।।
RCM 2.4.6
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
सुनि मुनि दसरथ बचन सुहाए। मंगल मोद मूल मन भाए।।
RCM 2.4.6
सुनि मुनि दसरथ बचन सुहाए। मंगल मोद मूल मन भाए।।