मुनि प्रसन्न लखि सहज सनेहू। कहेउ नरेस रजायसु देहू।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
मुनि प्रसन्न लखि सहज सनेहू। कहेउ नरेस रजायसु देहू।।
RCM 2.3.8
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
मुनि प्रसन्न लखि सहज सनेहू। कहेउ नरेस रजायसु देहू।।
RCM 2.3.8
मुनि प्रसन्न लखि सहज सनेहू। कहेउ नरेस रजायसु देहू।।