कहि न जाइ कछु नगर बिभूती। जनु एतनिअ बिरंचि करतूती।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
कहि न जाइ कछु नगर बिभूती। जनु एतनिअ बिरंचि करतूती।।
RCM 2.1.5
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
कहि न जाइ कछु नगर बिभूती। जनु एतनिअ बिरंचि करतूती।।
RCM 2.1.5
कहि न जाइ कछु नगर बिभूती। जनु एतनिअ बिरंचि करतूती।।