भुवन चारिदस भूधर भारी। सुकृत मेघ बरषहि सुख बारी।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
भुवन चारिदस भूधर भारी। सुकृत मेघ बरषहि सुख बारी।।
RCM 2.1.2
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
भुवन चारिदस भूधर भारी। सुकृत मेघ बरषहि सुख बारी।।
RCM 2.1.2
भुवन चारिदस भूधर भारी। सुकृत मेघ बरषहि सुख बारी।।