कबि न होउँ नहिं बचन प्रबीनू। सकल कला सब बिद्या हीनू।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
कबि न होउँ नहिं बचन प्रबीनू। सकल कला सब बिद्या हीनू।।
RCM 1.9.8
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
कबि न होउँ नहिं बचन प्रबीनू। सकल कला सब बिद्या हीनू।।
RCM 1.9.8
कबि न होउँ नहिं बचन प्रबीनू। सकल कला सब बिद्या हीनू।।