भाषा भनिति भोरि मति मोरी। हँसिबे जोग हँसें नहिं खोरी।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
भाषा भनिति भोरि मति मोरी। हँसिबे जोग हँसें नहिं खोरी।।
RCM 1.9.4
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
भाषा भनिति भोरि मति मोरी। हँसिबे जोग हँसें नहिं खोरी।।
RCM 1.9.4
भाषा भनिति भोरि मति मोरी। हँसिबे जोग हँसें नहिं खोरी।।