हंसहि बक दादुर चातकही। हँसहिं मलिन खल बिमल बतकही।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
हंसहि बक दादुर चातकही। हँसहिं मलिन खल बिमल बतकही।।
RCM 1.9.2
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
हंसहि बक दादुर चातकही। हँसहिं मलिन खल बिमल बतकही।।
RCM 1.9.2
हंसहि बक दादुर चातकही। हँसहिं मलिन खल बिमल बतकही।।