निज कवित केहि लाग न नीका। सरस होउ अथवा अति फीका।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
निज कवित केहि लाग न नीका। सरस होउ अथवा अति फीका।।
RCM 1.8.11
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
निज कवित केहि लाग न नीका। सरस होउ अथवा अति फीका।।
RCM 1.8.11
निज कवित केहि लाग न नीका। सरस होउ अथवा अति फीका।।