छमिहहिं सज्जन मोरि ढिठाई। सुनिहहिं बालबचन मन लाई।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
छमिहहिं सज्जन मोरि ढिठाई। सुनिहहिं बालबचन मन लाई।।
RCM 1.8.8
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
छमिहहिं सज्जन मोरि ढिठाई। सुनिहहिं बालबचन मन लाई।।
RCM 1.8.8
छमिहहिं सज्जन मोरि ढिठाई। सुनिहहिं बालबचन मन लाई।।