निज बुधि बल भरोस मोहि नाहीं। तातें बिनय करउँ सब पाही।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
निज बुधि बल भरोस मोहि नाहीं। तातें बिनय करउँ सब पाही।।
RCM 1.8.4
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
निज बुधि बल भरोस मोहि नाहीं। तातें बिनय करउँ सब पाही।।
RCM 1.8.4
निज बुधि बल भरोस मोहि नाहीं। तातें बिनय करउँ सब पाही।।