जानि कृपाकर किंकर मोहू। सब मिलि करहु छाड़ि छल छोहू।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
जानि कृपाकर किंकर मोहू। सब मिलि करहु छाड़ि छल छोहू।।
RCM 1.8.3
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
जानि कृपाकर किंकर मोहू। सब मिलि करहु छाड़ि छल छोहू।।
RCM 1.8.3
जानि कृपाकर किंकर मोहू। सब मिलि करहु छाड़ि छल छोहू।।