बंदउँ सब के पद कमल सदा जोरि जुग पानि।।7(ग)।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
बंदउँ सब के पद कमल सदा जोरि जुग पानि।।7(ग)।।
RCM 1.7.18
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
बंदउँ सब के पद कमल सदा जोरि जुग पानि।।7(ग)।।
RCM 1.7.18
बंदउँ सब के पद कमल सदा जोरि जुग पानि।।7(ग)।।