धूम कुसंगति कारिख होई। लिखिअ पुरान मंजु मसि सोई।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
धूम कुसंगति कारिख होई। लिखिअ पुरान मंजु मसि सोई।।
RCM 1.7.11
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
धूम कुसंगति कारिख होई। लिखिअ पुरान मंजु मसि सोई।।
RCM 1.7.11
धूम कुसंगति कारिख होई। लिखिअ पुरान मंजु मसि सोई।।