गगन चढ़इ रज पवन प्रसंगा। कीचहिं मिलइ नीच जल संगा।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
गगन चढ़इ रज पवन प्रसंगा। कीचहिं मिलइ नीच जल संगा।।
RCM 1.7.9
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
गगन चढ़इ रज पवन प्रसंगा। कीचहिं मिलइ नीच जल संगा।।
RCM 1.7.9
गगन चढ़इ रज पवन प्रसंगा। कीचहिं मिलइ नीच जल संगा।।