काल सुभाउ करम बरिआई। भलेउ प्रकृति बस चुकइ भलाई।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
काल सुभाउ करम बरिआई। भलेउ प्रकृति बस चुकइ भलाई।।
RCM 1.7.2
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
काल सुभाउ करम बरिआई। भलेउ प्रकृति बस चुकइ भलाई।।
RCM 1.7.2
काल सुभाउ करम बरिआई। भलेउ प्रकृति बस चुकइ भलाई।।