गुन अवगुन जानत सब कोई। जो जेहि भाव नीक तेहि सोई।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
गुन अवगुन जानत सब कोई। जो जेहि भाव नीक तेहि सोई।।
RCM 1.5.9
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
गुन अवगुन जानत सब कोई। जो जेहि भाव नीक तेहि सोई।।
RCM 1.5.9
गुन अवगुन जानत सब कोई। जो जेहि भाव नीक तेहि सोई।।