उपजहिं एक संग जग माहीं। जलज जोंक जिमि गुन बिलगाहीं।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
उपजहिं एक संग जग माहीं। जलज जोंक जिमि गुन बिलगाहीं।।
RCM 1.5.5
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
उपजहिं एक संग जग माहीं। जलज जोंक जिमि गुन बिलगाहीं।।
RCM 1.5.5
उपजहिं एक संग जग माहीं। जलज जोंक जिमि गुन बिलगाहीं।।