बचन बज्र जेहि सदा पिआरा। सहस नयन पर दोष निहारा।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
बचन बज्र जेहि सदा पिआरा। सहस नयन पर दोष निहारा।।
RCM 1.4.11
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
बचन बज्र जेहि सदा पिआरा। सहस नयन पर दोष निहारा।।
RCM 1.4.11
बचन बज्र जेहि सदा पिआरा। सहस नयन पर दोष निहारा।।