जे पर दोष लखहिं सहसाखी। पर हित घृत जिन्ह के मन माखी।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
जे पर दोष लखहिं सहसाखी। पर हित घृत जिन्ह के मन माखी।।
RCM 1.4.4
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
जे पर दोष लखहिं सहसाखी। पर हित घृत जिन्ह के मन माखी।।
RCM 1.4.4
जे पर दोष लखहिं सहसाखी। पर हित घृत जिन्ह के मन माखी।।