अकथ अलौकिक तीरथराऊ। देइ सद्य फल प्रगट प्रभाऊ।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
अकथ अलौकिक तीरथराऊ। देइ सद्य फल प्रगट प्रभाऊ।।
RCM 1.2.13
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
अकथ अलौकिक तीरथराऊ। देइ सद्य फल प्रगट प्रभाऊ।।
RCM 1.2.13
अकथ अलौकिक तीरथराऊ। देइ सद्य फल प्रगट प्रभाऊ।।