बटु बिस्वास अचल निज धरमा। तीरथराज समाज सुकरमा।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
बटु बिस्वास अचल निज धरमा। तीरथराज समाज सुकरमा।।
RCM 1.2.11
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
बटु बिस्वास अचल निज धरमा। तीरथराज समाज सुकरमा।।
RCM 1.2.11
बटु बिस्वास अचल निज धरमा। तीरथराज समाज सुकरमा।।