अमिय मूरिमय चूरन चारू। समन सकल भव रुज परिवारू।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
अमिय मूरिमय चूरन चारू। समन सकल भव रुज परिवारू।।
RCM 1.1.2
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
अमिय मूरिमय चूरन चारू। समन सकल भव रुज परिवारू।।
RCM 1.1.2
अमिय मूरिमय चूरन चारू। समन सकल भव रुज परिवारू।।