Sant Seva ParishadSant Seva ParishadSSP · sant seva

Kabir Dohas (Granthavali + Dohavali)

कबीर दोहावली

मूल श्लोकः

हिरदा भीतरि दौं बलैं, घूँवा न प्रकट होइ। जाकै लागी सो लखै, कै जिहि लाई सोइ॥

Kabir 4.3

Audio
Translations & commentaries(3)

Sūtra Translation

Sūtrahi.wikisource· HI

हृदय में प्रेम-विरह की अग्नि जल रही है परन्तु उसके लक्षण वाधतः नहीं प्रकट हो रहे हैं। इस अग्नि का वही अनुभव करता है, जिसके अन्तस में यह अग्नि लगी है या वह जिसने इस अग्नि को जाग्रत किया है। ​

Bhāṣya Commentary

Bhāṣyahi.wikisource· HI

हृदय के अन्दर ज्ञान-विरह की ज्योति जल रही है। इसका अनुभव या तो साधक करता है, या सतगुरु।

Padārtha Word-meaning

Padārthahi.wikisource· HI

हिरदा = हृदय । दौ - दावाग्नि । बलै = जलै । लखै = देखै । लाई = लागी ।