जिस दिन यह संसार न होता हाट और वस्त्र न होते, सांसारिक व्यापार न होते कबीर कहते हैं कि उस दिन भी राम और राम के भक्त इस संसार में होते।
Kabir Dohas (Granthavali + Dohavali)
कबीर दोहावली
मूल श्लोकः
धरती गगन पवन नहीं होता, नहीं तोया, नहीं तारा। तब हरि हरि के जन होते, कहै कबीर विचार॥
Kabir 4.27
Audio
Translations & commentaries(3)
Sūtra — Translation
Bhāṣya — Commentary
राम और उनके भक्त शाश्वत है।
Padārtha — Word-meaning
कृतम=कृत्रिम