Kabir Dohas (Granthavali + Dohavali)
कबीर दोहावली
मूल श्लोकः
यह बिरियाँ तो फिर नहीं, मनमें देख विचार । आया लाभहिं कारनै, जनम जुवा मति हार ॥
Kabir 26.29
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कबीर दोहावली
मूल श्लोकः
यह बिरियाँ तो फिर नहीं, मनमें देख विचार । आया लाभहिं कारनै, जनम जुवा मति हार ॥
Kabir 26.29
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