Kabir Dohas (Granthavali + Dohavali)
कबीर दोहावली
मूल श्लोकः
निबैंरी निहकामता, स्वामी सेती नेह । विषया सो न्यारा रहे, साधुन का मत येह ॥
Kabir 24.1
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कबीर दोहावली
मूल श्लोकः
निबैंरी निहकामता, स्वामी सेती नेह । विषया सो न्यारा रहे, साधुन का मत येह ॥
Kabir 24.1
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