कामिनी (स्त्री) काली नागिन के समान विष से भरी हुई है। वह तीनो लोको के मध्य घूम-घूम कर लोगो को डंसती रहती है उसके प्रभाव से केवल राम भक्त हो बच पाते हैं विषय वासना मे डूबे हुए व्यक्तियों को तो वह डस हो लेती है।
Kabir Dohas (Granthavali + Dohavali)
कबीर दोहावली
मूल श्लोकः
संदर्भ―राम नाम का महत्व समझ लेना ही वास्तविक पण्डित होना है। कांमणि काली नागणीं, तीन्यूँ लोक मँझारि। राम सनेही ऊबरे, बिषई खाये भारि॥
Kabir 17.31
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Translations & commentaries(3)
Sūtra — Translation
Bhāṣya — Commentary
―ईश्वर भक्तो के ऊपर नारी का प्रभाव नहीं पड़ता है।
Padārtha — Word-meaning
―कॉमणि=कामिनी। नागणी=नागिन। मझारि=मध्य मे।