―सम्पूर्णं चतुराई सीख लेने के कारण तोते को लोग पिंजडे मे बन्द कर देते हैं किन्तु स्वयं पिंजड़े मे बन्द होकर भी वह और लोगो को उपदेश देता है कि राम नाम का उच्चारण करो यद्यपि वह स्वय राम नाम के महत्व को समझ नही पाता है।
Kabir Dohas (Granthavali + Dohavali)
कबीर दोहावली
मूल श्लोकः
चतुराई सूबै पढ़ी, सोई पांजर माँहि। फिरि प्रमोधै आँन कौ,आपण समझैं नाहिं॥
Kabir 17.14
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Translations & commentaries(3)
Sūtra — Translation
Bhāṣya — Commentary
―तोते के उदाहरण के द्वारा कबीरदास जी समझाते हैं कि जीव को राम नाम का महत्व समझना चाहिए।
Padārtha — Word-meaning
पंजर=पिंजड़ा। प्रमोधै=उपदेश देना।