―कबीरदास जी कहते हैं कि अगर माया सैकडो प्रलोभन देकर के तुझे फंसाना चाहे तो भी उसके फन्दे मे नही पडना चाहिए। जब इस माया ने नारद ऐसे प्रभु भक्तों तक को अपने जाल मे फॉस लिया है तो फिर इसका भरोसा कैसे किया जा सकता है?
Kabir Dohas (Granthavali + Dohavali)
कबीर दोहावली
मूल श्लोकः
कबीर माया जिनि मिलै, सौ बरिया दे बाॅह। नारद से मुनियर गिले, किसी भरीसौ त्यांह॥
Kabir 16.31
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Translations & commentaries(2)
Sūtra — Translation
Padārtha — Word-meaning
―गिले=नष्ट कर दिये।