―कबीरदास जी कहते हैं कि जो पानी से भी पतला धुएं से भी हल्का, और पवन के वेग से भी अधिक वेग वाला है ऐसे परमात्मा से मित्रता की है।
Kabir Dohas (Granthavali + Dohavali)
कबीर दोहावली
मूल श्लोकः
पाँणीं हीं तैं पातला, धूंवाँ हीं तैं भींण। पवनाँ वेगि उतावला, सोदोसत कविरै कीन्ह॥
Kabir 13.12
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Translations & commentaries(2)
Sūtra — Translation
Padārtha — Word-meaning
―उतावला=तीव्र।