―जिसने एक परमात्मा को जान लिया उसने संसार के सम्पूर्ण ज्ञान को प्राप्त कर लिया। और जिसने उस एक परमात्मा को नहीं जाना उसका संसार की अन्य वस्तुओं का ज्ञान अज्ञान के ही समान है।
Kabir Dohas (Granthavali + Dohavali)
कबीर दोहावली
मूल श्लोकः
संदर्भ―ईश्वर के अभाव मे भक्त स्वगं भी नही चाहता है। जे ओ एकै न जाँणियाँ, तो जाँण्याँ सव जाँण। जे ओ एक न जाँणियाँ, वो सब ही जाँण अजाँण॥
Kabir 11.6
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Translations & commentaries(3)
Sūtra — Translation
Bhāṣya — Commentary
―परमात्मा के ज्ञान के अतिरिक्त और सव ज्ञान व्यर्थं है।
Padārtha — Word-meaning
―जांण=ज्ञान।