Sant Seva ParishadSant Seva ParishadSSP · sant seva

Kabir Dohas (Granthavali + Dohavali)

कबीर दोहावली

मूल श्लोकः

कबीर कलिजुग आइकर, कीये बहुतज मीत। जिन दिल बॅधी एक सूँ, ते सुखु सोवै नचींत॥

Kabir 11.11

Audio
Translations & commentaries(3)

Sūtra Translation

Sūtrahi.wikisource· HI

―कबीरदास जी कहते हैं कि इस कलियुग मे आकर मनुष्य अनेको मित्रो को बनाता है किन्तु वे सभी दुख देने वाले होते हैं परन्तु यदि एक परमात्मा को मित्र बना लिया जाय तो जीव जीवन पर्यंत निश्चिन्त होकर सो सकता है।

Bhāṣya Commentary

Bhāṣyahi.wikisource· HI

―जीव यदि परमात्मा को मित्र बना ले तो वह निश्चित हो सकता है।

Padārtha Word-meaning

Padārthahi.wikisource· HI

―बहुतज=बहुत से। नचीत=निश्चिन्त।