शिष्य लोकानुमोदित मार्ग का अन्य अनुसरण करता हुआ जा रहा था। परन्तु आगे सतगुरु के दर्शन हुए। उन्होंने ज्ञान का दीपक हाथ दिया। विशेष—सतगुरु की महान अनुकम्पा इसलिए हो कि उसने अन्धानुकरण और लोक वेद प्रतिपादित मार्ग को निःसार बताया और ज्ञान के दीपक के जीवन के मार्ग को परिष्कृत एवं अलौकित किया।
Kabir Dohas (Granthavali + Dohavali)
कबीर दोहावली
मूल श्लोकः
पीछे लागा जाइ था, लोक वेद के साथि। आगैं थैं सतगुर मिल्या, दीपक दीया हाथि॥
Kabir 1.11
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Translations & commentaries(3)
Sūtra — Translation
Bhāṣya — Commentary
लोकानुमोदित मार्ग पर चलते हुए सांसारिकों का अनुसरण करना जीवन का लक्ष्य था। परन्तु सतगुरु की महती कृपा हुई। उसने मात्र दीपक हाथ में दिया और उचित मार्ग या नरवाण का मार्ग उपलब्ध हो गया।
Padārtha — Word-meaning
पीछैं = अनुकरण। साथि = साथ। मिल्या = मिला। दीया = दिया, प्रदान किया।