Tukaram Abhangs (Gatha)
तुकाराम गाथा
मूल श्लोकः
नजर करे सो ही जिंके बाबा दुरथी तमासा देख । लकडी फांसा लेकर बैठा आगले ठकण भेख ॥१॥ काहे भुला एक देखत आंखो मार तडांगो बाजार ॥ध्रु.॥ दमरी चमरी जो नर भुला । सोत आघो हि लत खाये ॥२॥ नहि बुलावत किसे बाबा आप हि मत जाये । कहे तुका उस असाके संग फिरफिर गोदे खाये ॥३॥ ॥१॥ दरवेस -अभंग १
Tuka 442
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