Tukaram Abhangs (Gatha)
तुकाराम गाथा
मूल श्लोकः
पांडुरंगें सत्य केला अनुग्रह । निरसोनि संदेह बुिद्धभेद॥1॥ जीवशिवा सेज रचिली आनंदें । औठावे पदीं आरोहण॥2॥ निजीं निजरूपीं निजविला तुका । अनुहाते बाळका हलरु गाती ॥3॥
Tuka 4304
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