Tukaram Abhangs (Gatha)
तुकाराम गाथा
मूल श्लोकः
रोगिया मिष्टान्न मर्कटा चंदन । कागासी लेपन कर्पूराचें ॥1॥ निर्नासिका जैसा नावडे आरिसा । मूर्खालागीं तैसा शास्त्रबोध ॥ध्रु.॥ दास तुका ह्मणे विठ्ठलउदारें । अYाानअंधारें दूरी केलें ॥2॥
Tuka 4104
Audio
Translations & commentaries(0)
No translations available for this verse yet.