Tukaram Abhangs (Gatha)
तुकाराम गाथा
मूल श्लोकः
मैं भुली घरजानी बाट । गोरस बेचन आयें हाट ॥१॥ कान्हा रे मनमोहन लाल । सब ही बिसरूं देखें गोपाल ॥ध्रु.॥ काहां पग डारूं देख आनेरा । देखें तों सब वोहिन घेरा ॥२॥ हुं तों थकित भैर तुका । भागा रे सब मनका धोका ॥३॥
Tuka 381
Audio
Translations & commentaries(0)
No translations available for this verse yet.