Tukaram Abhangs (Gatha)
तुकाराम गाथा
मूल श्लोकः
घालूनियां कास । बळें आलों मागायास ॥1॥ प्रेमें देइप पाठवूनि । पांडुरंगा सेवाॠणी ॥ध्रु.॥ होइप रे शाहाणा । कळों नेदावें या जना ॥2॥ तुका ह्मणे पायीं । जडलों मग उरलें काइऩ॥3॥
Tuka 3575
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