Tukaram Abhangs (Gatha)
तुकाराम गाथा
मूल श्लोकः
हम दास तीन्हके सुनाहो लोकां । रावणमार विभीषण दिइऩ लंका ॥ध्रु.॥ गोबरधन नखपर गोकुल राखा । बर्सन लागा जब मेंहुं फत्तरका ॥1॥ वैकुंठनायक काल कौंसासुरका । दैत डुबाय सब मंगाय गोपिका ॥2॥ स्तंभ फोड पेट चिरीया कसेपका । प्रल्हाद के लियें कहे भाइऩ तुकयाका ॥3॥ ॥22॥ ॥ साख्या ॥ 30 ॥
Tuka 1167
Audio
Translations & commentaries(0)
No translations available for this verse yet.