Tukaram Abhangs (Gatha)
तुकाराम गाथा
मूल श्लोकः
क्या मेरे राम कवन सुख सारा । कहकर दे पुछूं दास तुह्मारा ॥ध्रु.॥ तनजोबनकी कोन बराइऩ । ब्याधपीडादि स काटहि खाइऩ ॥1॥ कीर्त बधाऊं तों नाम न मेरा । काहे झुटा पछतऊं घेरा ॥2॥ कहे तुका नहिं समज्यात मात । तुह्मारे शरन हे जोडहि हात ॥3॥
Tuka 1163
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