Tukaram Abhangs (Gatha)
तुकाराम गाथा
मूल श्लोकः
काहे रोवे आगले मरना । गंव्हार तूं भुला आपना ॥ध्रु.॥ केते मालुम नहिं पडे । नन्हे बडे गये सो ॥1॥ बाप भाइऩ लेखा नहिं । पाछें तूं हि चलनार ॥2॥ काले बाल सिपत भये । खबर पकडो तुका कहे ॥3॥
Tuka 1162
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